garhwali language learning through a chat app – DAGADU review

Garhwali language and kumaoni language chat app – DAGADU detailed review (In Hindi & English)

 

Garhwali language and Kumaoni language are an integral part of our existence. But as you all know, that there are very few people left who still speak this language.UNESCO has also put our Garhwali and Kumaoni languages ​​in the category of least popular languages ​​of the world.

At such a time, only the sustained efforts of uttarakhandi people can save it.

Devanagari Solutions has made an effort to pursue these efforts.This company has brought us DAGADU – chat app, which is a garhwali and kumaoni language chat app-cum-translator.
Today we have come with a detailed review of this app. So let’s start.

First of all, a big thanks to Devanagari Solutions that they tried to make something of this scale. And they have succeeded to a large extent. We also got a chance to talk to them. We got to know how despite facing many obstacles, they succeeded in making such an app. But we will talk about it later, first let’s come to our review.

Friends, Dagadu is a chat app that gives you the ability to chat in Garhwali and Kumaoni. I know that there are many of us who want to stay connected with our languages. But they do not get many means. They keep trying to learn online but there is not much content available. Then someone downloads the dictionary app and their enthusiasm fades away in a few days.

Dagadu app has emerged as a boon for such people. We will tell you all about its features below and then we will talk about its shortcomings. First let’s see the merits.

PROS:

1.Chat in Garhwali language

garhwali language chat app

Dagadu propels you to learn Garhwali in a fun way. The Garhwali language learning method is pretty simple and the vocabulary is pretty elaborate. In our conversation with Devanagari Solutions, they said that although this terminology is quite elaborate, but still new words are being added to it, to overcome the shortcomings in sentence making.

2.Chat in Kumaoni language

kumaoni translation

The terminology of the Kumaoni language is also good. This app allows you to chat in both languages. You can switch between kumaoni and garhwali by going to your profile > choose your preferred language > save. This will also encourage youth who are interested in both the languages.

3.Easy to use

The app is very easy to use. Its interface is somewhat like whatsap, so you’ll get used to it in a jiffy. Also, it has the option of group chat. You can keep in touch with your Garhwali and Kumaoni friends by forming a group.

4.Cute customized Garhwali and Kumaoni emojis

kumaoni emojis

Along with this, Dagadu also has very cute Garhwali and Kumaoni emojis. When you see them, you will know how lovingly this app has been made. We liked these emojis a LOT. Did you feel the same way? Please tell us in our comments section below.

5.Free to use

The biggest advantage is that this app is absolutely free. So you can use it without any worries. After talking to Devanagari Solutions we came to know that although it costs a lot to run this app, they have decided to give this app for free. So that everyone can use it.

There are lots of advantages in this app. But let’s take a look at its shortcomings too.

CONS:

1. Shortcomings in translation

In some places we found a lack of translation in the app. But after talking to the company, we came to know that continuous work is being done on these deficiencies.

2.The need to type in Hindi

Youngsters typing shorthand initially will not find it so easy to type in Hindi.
Solution: This deficiency can be overcome, if you download and install Gboard in your phone.
You will then get Hindi sentences by writing in Shorthand as you are used to.

Final Verdict:

The conclusion is that because it is more of an effort to save our civilization, than an app. So we should support it. We can ignore some shortcomings. Such apps will become better only with our cooperation.
And friends anyway, the creator has kept it absolutely free, so we can cooperate that much…. right !!
long live Uttarakhand

HINGLISH TRANSLATION

गढ़वाली भाषा और कुमाऊनी भाषा हमारे अस्तित्व का एक अभिन्न अंग है। लेकिन जैसा की आप सबको ज्ञात ही होगा इस भाषा को बोलने वाले अब ज़्यादा लोग नहीं रह गए हैं। UNESCO ने भी हमारी गढ़वाली और कुमाऊनी भाषा को दुनिया की सबसे कम प्रचलित भाषाओं की श्रेणी में डाल दिया है।

ऐसे समय में हम लोगों के निरंतर प्रयास ही इसे संजोय रख सकते हैं। इन्ही प्रयासों को आगे बढ़ाने की एक कोशिश की है Devanagari Solutions ने।
यह कंपनी हमारे लिए लेकर आयी है DAGADU – chat app. जो की एक गढ़वाली और कुमाऊनी चैट ऐप है। इसी ऐप का एक विस्तृत review लेकर हम आज आये हैं। तो चलिए शुरू करते हैं।

सबसे पहले तो Devanagari Solutions को साधुवाद की उन्होंने ऐसा कुछ बनाने का प्रयास किया। और वे काफी हद तक इसमें सफल भी हुए हैं। हमें उनसे बात करने का भी मौका मिला। और हमें जानने को भी मिला की ऐसी ऐप बनाने में उन्हें कितनी बाधाओं का सामना करना पड़ा है। लेकिन उसके बारे में बाद में बात करेंगे, पहले अपने रिव्यु पे आते हैं।
दोस्तों, दगडू एक चाट ऐप है जो की आपको गढ़वाली और कुमाऊनी में चैट करने की क्षमता प्रदान करती है। मैं जानता हूँ कि हम में से बहुत सारे लोग हैं जो अपनी मात्र भाषा से जुड़े रहना चाहते हैं। लेकिन उन्हें कोई ज़रिया नहीं मिल पाता । वो कोशिश करते रहते हैं ऑनलाइन सीखने कि लेकिन वहां भी ज़्यादा कुछ नहीं मिल पाता। फिर कोई डिक्शनरी ऐप डाउनलोड करते हैं और कुछ दिन में उनका उत्साह जवाब दे जाता है।

ऐसे ही लोगों के लिए वरदान बनकर सामने आयी है दगडू ऐप। हम इसके सारे फीचर्स नीचे बता देते हैं और फिर इसकी कमियों के बारे में बात करेंगे। पहले इसकी खूबियां देख लेते हैं।

PROS:

1.गढ़वाली भाषा में चैट

garhwali language chat app

इस ऐप में गढ़वाली भाषा शब्दावली काफी अच्छी है। यह ऐप आपको दोनों भाषाओं में चैट करने कि सुविधा देती है। आप अपनी प्रोफाइल में जाकर अपनी चुनिंदा भाषा चुन सकते हैं। इससे दोनों भाषाओं में दिलचस्पी लेने वाले युवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

2.कुमाऊनी भाषा में चैट

kumaoni translation

कुमाऊनी भाषा कि भी शब्दावली काफी अच्छी है। Devanagari Solutions से हमारी बातचीत में उन्होंने बताया कि हालांकि ये शब्दावली काफी विस्तृत है, किन्तु अभी भी इसमें निरंतर नए शब्द डाले जा रहे हैं।

3.प्रयोग करने में आसान

प्रयोग करने में भी यह ऐप एकदम आसान है। इसका interface और इस्तेमाल करने का तरीका एकदम whatsap जैसा ही है। बस यह उसके साथ साथ आपको भाषा सीखने कि भी सुविधा देती है। साथ ही साथ इसमें ग्रुप चैट का भी विकल्प है। आप इससे अपने गढ़वाली या कुमाऊनी फ्रेंड्स के ग्रुप्स बनाकर उनसे निरंतर संपर्क में रह सकते हैं।

4.प्यारे गढ़वाली और कुमाऊनी इमोजीस

kumaoni emojis

इसके साथ ही इसमें बहुत प्यारे गढ़वाली एमोजिस और कुमाऊनी एमोजिस भी हैं। यकीन मानिये इनको देखकर आपको पता चलेगा कि इस ऐप को कितने प्यार से बनाया गया है। हमें यह एमोजिस बहुत पसंद आये। आपको कैसे लगे आप हमें हमारे कमैंट्स सेक्शन में ज़रूर बताएं।

5.नि: शुल्क

सबसे बड़ा फायदा तो ये है के ये ऐप एकदम नि शुल्क है। तो आप बिना किसी चिंता के इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। देवनागरी सोलूशन्स से बात करने पर हमें पता चला कि यद्यपि इस ऐप को चलाने में काफी शुल्क लगता है किन्तु उन्होंने इस ऐप को फ्री देने का फैसला किया है। ताकि हर कोई इसका इस्तेमाल कर सके।

इस ऐप में खूबियां तो बहुत सारी हैं। लेकिन चलिए अब इसकी कमियों पे भी एक नज़र डाल लेते हैं।

CONS:

1.अनुवाद में कमी

ऐप के ज़्यादा इस्तेमाल करने में हमें कुछ जगहों पर अनुवाद में कमी दिखी। लेकिन कंपनी से बात करने के पश्चात हमें पता लगा के इन कमियों पर निरंतर काम किया जा रहा है।

2.हिंदी में टाइप करने कि ज़रूरत

शॉर्टहैंड टाइपिंग करने वाले युवाओं को शुरू में हिंदी में टाइप करना इतना आसान नहीं लगेगा। लेकिन इस कमी से भी पार पाया जा सकता है। अगर आप अपने फ़ोन में Google Keyboard नामक ऐप install कर लें तो आपको इंग्लिश में लिखकर भी हिंदी sentences मिल जाएंगे।

अंतिम निष्कर्ष:
निष्कर्ष यह निकलता है कि क्योंकि यह एक ऐप से ज़्यादा हमारी सभ्यता को बचाने कि एक कोशिश है। इसलिए हमें कुछ कमियों को नज़रअंदाज़ करते हुए इसे सपोर्ट करना चाहिए। हमारे सहयोग से ही ऐसी ऐप्स और बेहतर होंगी।
और मित्रों वैसे भी निर्माता ने इसे एकदम मुफ्त रखा है, तो इतना सहयोग तो हम भी कर ही सकते हैं।
long live उत्तराखंड

garhwali language learning through a chat app – DAGADU review

One thought on “garhwali language learning through a chat app – DAGADU review

  1. Wonderful review….I have personally used the app and found it interesting to stay connected to our local pals….also can be used as a means by the visitors to communicate with the locals in their regional language….a great initiative….I always wondered about things to raise the usage of our regional language but the more simple it seems the more efforts are NEEDed to make it functional and effective…try this out pals…you would love to chat in your regional language

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